छत्तीसगढ़

वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास विफल

Shantanu Roy
24 July 2026 10:15 PM IST
वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास विफल
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Jashpur. जशपुर। वन मण्डल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र बगीचा के परिसर सोनगेरसा स्थित कक्ष क्रमांक पी.एफ. 1253 में दिनांक 23 जुलाई 2026 को लगभग 3.00 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया गया। सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए न केवल अतिक्रमण के प्रयास को विफल किया गया, बल्कि संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसी दिन 5,000 पौधों का वृहत वृक्षारोपण भी कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार (1) रामलोचन यादव, पिता जगदीश यादव, (2) गणेश यादव, पिता जगदीश यादव, (3) हिरालाल, पिता डूमरा, जाति कोरवा, (4) नन्दलाल, पिता डूमरा, जाति कोरवा एवं (5) सुधन, पिता सुखदेव द्वारा उक्त वनभूमि पर झाड़ियाँ काटकर साफ-सफाई करते हुए अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही इसकी सूचना तत्काल वनमण्डलाधिकारी, जशपुर एवं उपवनमण्डलाधिकारी, पत्थलगांव को दी गई। वनमण्डलाधिकारी, जशपुर के निर्देश तथा उपवनमण्डलाधिकारी, पत्थलगांव के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्राधिकारी, बगीचा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।


वन कर्मचारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस अभियान में बी.डी.सी., ग्राम पंचायत सोनगेरसा के सरपंच, पंचगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी के संयुक्त प्रयासों से वनभूमि को सुरक्षित करते हुए उसी क्षेत्र में 5,000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया, जिससे भूमि का संरक्षण सुनिश्चित हो सके तथा भविष्य में पुनः अतिक्रमण की संभावना को रोका जा सके। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण, वनों की कटाई अथवा प्राकृतिक संसाधनों को क्षति पहुंचाने के प्रयासों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही स्थानीय समुदाय की सहभागिता से वन संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ग्रामवासियों ने वन संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौध रोपण एवं वन संपदा की सुरक्षा हेतु सामूहिक सहयोग का आह्वान किया। जशपुर वनमण्डल ने इस संयुक्त प्रयास को वन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
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